क्या मंत्री, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-क्या यह बात सही है कि बक्सर ज़िला के आर्सेनिक प्रभावित गांवों में “जलकल्प” बायो-सैंड फिल्टर का सफल परीक्षण किया जा चुका है, जो जंग लगी लोहे की कीलों की उपयोग करके आर्सेनिक के 1750 पी०पी०बी० जैसे घातक स्तर को घटाकर सुरक्षित 10 पी०पी०बी० के नीचे ले आता है, यदि हाँ, तो सरकार कबतक आर०ओ० सिस्टम के स्थान पर कम रखरखाव वाली "जलकल्प" तकनीक सामान्य जनमानस को सब्सिडी पर उपलब्ध कराने का विचार रखती है,नहीं तो क्यों ?