क्या मंत्री, शिक्षा विभाग,यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-1. क्या यह बात सही है कि राज्य के विद्यालयों में बेंच-डेस्क आपूर्ति हेतु आवंटित ₹885 करोड़ के खरीद घोटाले की प्रारंभिक विभागीय जांच रिपोर्ट में 340 स्कूलों को दोषी चिन्हित किया गया था, परंतु अंतिम रिपोर्ट जारी होने तक यह संख्या घटकर 35 रह गई है;2. क्या यह बात सही है कि पूरे राज्य के लिए मॉडल जिला बनाए गए बक्सर में 79 जांच अधिकारियों द्वारा कराई गई 705 विद्यालयों की जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेराफेरी एवं घटिया आपूर्ति पकड़ी गई थी तथा इस आधिकारिक जांच रिपोर्ट में दर्ज गड़बड़ियों और दोषी आपूर्तिकर्ताओं को बचाने के उद्देश्य से विभाग की फाइलों तथा डेटाबेस में प्रशासनिक स्तर पर हेरफेर की गई है;3. यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं, तो क्या सरकार इस वित्तीय घोटाले एवं साक्ष्यों के हेरफेर के लिए जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई तथा इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने का विचार रखती है; हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्यों?