क्या मंत्री, शिक्षा विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि(1) क्या यह बात सही है कि निदेशक, मा०शि० के पत्रांक-1675 दिनांक-12.12.2002 द्वारा दयानन्द विद्यालय+2 मीठापुर, पटना (एक अल्पसंख्यक विद्यालय) के प्रबंधन में वर्तमान में दान देकर दानदाता सदस्य नही बनाया जा सकता है;(2) क्या यह बात सही है कि इस अल्पसंख्यक विद्यालय स्थापनाकाल के दानदाता वारिस को दानदाता सदस्य न बनाते हुए बाहरी व्यक्ति को सदस्य बनाया गया है;(3) यदि उपर्युक्त खण्डों के उत्तर स्वीकारात्मक है, तो क्या सरकार तथाकथित दानदाता को छोड़ एक्ट के अनुसार वास्तविक दानदाता वारिस को दानदाता सदस्य बनाकर प्रबंध कमिटी का गठन कराना चाहती है, हाँ तो कबतक, नहीं तो क्यों ?