हिन्दी दैनिक समचार पत्र में दिनांक 07.03.2024 को प्रकाशित शीर्षक "प्रयोगशाला की बजाय काॅपियों पर ली जा रही परीक्षा" को ध्यान में रखते हुए क्या मंत्री, शिक्षा विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि :-1. क्या यह बात सही है कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र-2022-25 प्रथम वर्ष की प्रयोगशाला की परीक्षा में अधिकतर काॅलेजों में प्रयोगशाला की बजाय काॅपियों पर ही प्रैक्टिकल की परीक्षा ली जा रही है और परीक्षार्थी बिना प्रायोगिक परीक्षा दिए ही सर्वाधिक अंक से पास हो रहे हैं ;2. क्या यह बात सही है कि उक्त विश्वविद्यालय के अधिकांश काॅलेजों में पुराने प्रैक्टिकल उपकरण होने तथा वर्षों से केमिकल इत्यादि की खरीदारी नहीं होने के कारण प्रयोगशाला की परीक्षा काॅपियों पर ही ली जाती रही है;3. यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक है तो उक्त विश्वविद्यालय में प्रायोगिक परीक्षा का मखौल बनाये जाने तथा छात्रों को प्रायोगिक लैब ज्ञान से दूर रखने का क्या औचित्य है?