क्या मंत्री, शिक्षा विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे किः-1.क्या यह बात सही है कि विभाग द्वारा वर्ष 2011 में नियुक्त किये गये प्रेरक शिक्षकों को 31 मार्च, 2018 को बिना सूचना दिये कार्य से हटा दिया गया है;2.क्या यह बात सही है कि 31 मार्च, 2018 को हटाये गये लगभग 19,000 प्रेरकों को सितम्बर, 2015 तक का ही मानदेय दिया गया है, जबकि प्रेरक शिक्षक केन्द्र सरकार और राज्य सरकार दोनों ही के लिये अपना उत्तरदायित्व निभा रहे थे यथा जनगणना, पशुगणना, मानव श्रृखंला, बाल विवाह आदि में योगदान दे रहे थे;3.यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार प्रेरकों के सितम्बर, 2015 से मार्च, 2018 तक के बकाया मानदेय का भुगतान तथा समानांतर योजना में इनके समायोजन का विचार रखती है, हाँ, तो कबतक, नहीं तो क्यों?