क्या मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे किः-1. क्या यह बात सही है कि पश्चिम चम्पारण जिलान्तर्गत लौरिया प्रखंड में अंग्रेजों द्वारा नील की खेती कराने हेतु वर्ष 1865 में गयाजी एवं झारखंड से आये मुसहर, धागड़ एवं पासी को परसा धांगर टोली, वार्ड सं0-12 में बसाया गया था?2. क्या यह बात सही है कि आजादी के 80 वर्षों बाद भी सरकार द्वारा इन 168 परिवारों को बासगीत पर्चा नहीं उपलब्ध कराया गया है?3. यदि उपर्युक्त खण्डों का उत्तर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार उक्त 168 परिवारों को चार डीसमील जमीन प्राप्त कराने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों?