क्या मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, यह बतालाने की कृपा करेंगे कि-क्या यह बात सही है कि जहानाबाद जिलांतर्गत घोसी सहित सभी प्रखंडों में बड़ी संख्या में ऐसी बकाश्त भूमि है, जिस पर रैयत जमींदारी उन्मूलन के पूर्व से निरंतर काबिज चले आ रहे हैं, किंतु आज भी अभिलेख संशोधन, दाखिल-खारिज, परिमार्जन एवं स्वामित्व अधिकार की विधिवत मान्यता के अभाव में उन्हें न्याय पाने हेतु राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं; यदि हाँ तो कबतक सरकार वास्तविक काबिज रैयतों को विधिसम्मत अधिकार प्रदान करने हेतु विशेष अभियान चलाने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों ?