हिंदी दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर "नौ वर्षो में चार हजार रसोइए और सहायकों का निधन" के आलोक में क्या मंत्री शिक्षा विभाग यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:- 1.क्या यह बात सही है कि मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 4000 रसोइया एवं सहायकों का पिछले 9 वर्षों में सेवाकाल में निधन हुआ है; 2.क्या यह बात सही है कि राज्य के सरकारी स्कूलों में रसोइए और सहायकों के नियुक्ति के लिए चयन के समय ही अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य संबंधित चिकित्सा प्रमाण-पत्र जमा करने का निर्देश दिया गया है, जिसका अनुपालन नही किया गया है; 3.क्या यह बात सही है कि मृत रसोइया के निकटतम आश्रितों को 4,00,000 रुपए सरकारी सहायता देने का प्रावधान है परंतु मृत 500 रसोइया के आश्रित परिजन उक्त राशि से वंचित हैं, 4.यदि उपर्युक्त खण्डों के उतर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार नियुक्त रसोइयों से चिकित्सा प्रमाण-पत्र जमा लेने के साथ मृत रसोइयों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये सरकारी सहायता देने का विचार रखती है, हां तो कबतक,नहीं तो क्यों?