क्या मंत्री, सामान्य प्रशासन विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-1. क्या यह बात सही है कि वर्ष 2018-19 में राज्य के लगभग सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लिखित एवं टाइपिंग परीक्षा के उपरांत कार्यपालक सहायक का पैनल तैयार किया गया जिसमें से आधे अभ्यर्थियों का नियोजन संविदात्मक पद (कार्यपालक सहायक) पर किया गया, जबकि शेष 2131 अभ्यर्थियों का नियोजन बेल्ट्रॉन द्वारा आयोजित दक्षता परीक्षा के बाद हुआ ;2. क्या यह बात सही है कि BPSM के पत्रांक 400, दिनांक 23.02.2021 के अनुसार अनियोजित कार्यपालक सहायकों का बेल्ट्रॉन से वेतन भुगतान का निर्णय लेने के बावजूद उन्हें उर्मिला कंपनी द्वारा वेतन भुगतान कराया जा रहा है, जो विज्ञापन और विभाग के निर्णय का उल्लंघन है;3. यदि उपर्युक्त खण्डों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं, तो क्या सरकार मूल विज्ञापन के अनुसार कार्यपालक सहायक/डाटा एंट्री ऑपरेटर को आउटसोर्सिंग के बजाय विभागीय वेतन भुगतान करने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों?