क्या मंत्री, सामान्य प्रशासन विभाग, यह बतलाने की कृपा करेगें कि:-1. क्या यह बात सही हैं की कमकर तथा कहार पेशागत/स्थानीय पुकारू नाम हैं और चंद्रवंशी (अतिपिछड़ी जाती) के राजस्व अभिलेख (खतियान) में और इसके अलावा खरवार (अनुसूचित जनजाति) में भी लिखा हैं;2. क्या यह बात सही हैं की खरवार (अनुसूचित जनजाति) और चंद्रवंशी (अतिपिछड़ी जाति) के राजस्व अभिलेख (खतियान) में कमकर/कहार अंकित होने के कारण खरवार जाति के पात्र सदस्यों का जाति प्रमाण पत्र सुगमता से निर्गत नही हो रहा हैं;3. क्या यह बात सही हैं की दोनों जातियों के अभिलेख में पेशागत नाम जैसे कमकर/कहार अदि लिखा हैं जिससे यह स्पष्ट नहीं होता हैं की कौन किस मूल जाति का हैं? उपर्युक्त खंडो का उत्तर स्वीकारात्मक हैं तो क्या सरकार जाति सत्यापन कर खरवार जाति के सदस्यों का जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने का विचार रखती हैं,हाँ तो कब तक, नहीं तो क्यों?