क्या मंत्री, शिक्षा विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि;-क्या यह बात सही है कि विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों के आय का बड़ा हिस्सा छात्र-छात्राओं से लिया गया शिक्षण शुल्क का होता है, जिससे शिक्षकों तथा शिक्षकेतर कर्मचारियों को वेतन मिलता है परंतु सरकार द्वारा वर्ष 2015 से छात्राओं का शिक्षण शुल्क माफ कर देने के बावजूद मगध विश्वविद्यालय को सरकार द्वारा छात्राओं की शुल्क की राशि अब तक नहीं भेजी गई है, जिसकी वजह से शिक्षकों एवं कर्मचारियों का वेतन कई महीनों से बकाया है; यदि हाँ, तो सरकार मगध विश्वविद्यालय को कब तक राशि मुहैया कराने का विचार रखती है , नहीं तो क्यों ?