स्थानीय दैनिक समाचार पत्र में दिनांक 07.03.2025 को प्रकाशित “पंचायती राज संस्थाओं ने 20 हजार करोड़ का नहीं दिया हिसाब” शीर्षक को ध्यान में रखते हुये क्या मंत्री, पंचायती राज विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि- क्या यह बात सही है कि राज्य की विभिन्न प्रचायती राज संस्थाओं ने वर्ष 2002-03 से लेकर 2022-23 तक 20 हजार करोड़ से अधिक की राशि का हिसाब नहीं दिया है, जिससे संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने हेतु पंचायती राज विभाग द्वारा जिलाधिकारी, डी०डी०सी० सह जिला परिषद् के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी से बार-बार अनुरोध किया जा रहा है, यदि हाँ, तो पंचायती राज संस्थाओं द्वारा 20 हजार करोड़ से अधिक का हिसाब अभी तक नहीं देने का क्या औचित्य है ?