दैनिक समाचार पत्र में दिनांक 24.01.2025 को प्रकाशित शीर्षक "प्रारम्भिक स्कूलों में राशि रहते दो हजार शौचालय निर्माण लंबित" को ध्यान में रखते हुए क्या मंत्री, शिक्षा विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि :-1. क्या यह बात सही है कि राज्य के प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक तक के स्कूलों में वर्ग कक्ष, शौचालय तथा नये भवन आदि संरचना के निर्माण के लिए वर्ष 2024-25 में 587 करोड़ में 20 करोड़ खर्च हुए है, जो कुल राशि का महज 3.38 प्रतिशत है;2. क्या यह बात सही है कि राज्य के प्रारंभिक स्कूलों में करीब दो हजार शौचालय निर्माण कार्य लंबित है, राज्य के नौ जिला पटना, शेखपुरा, अरवल, जमुई, सीवान, सारण, सहरसा, वैशाली और मधुबनी में लक्ष्य के विरूद्ध आधे कार्य हुए है;3. क्या यह बात सही है कि वर्ष 2024-25 में स्कूल कंपोजिट ग्रांट की राशि भवनों की मरम्मति के लिए 398 करोड़ के विरूद्ध मात्र 242 करोड़ खर्च अब तक की गई है जिसमें पटना, सारण, बांका, लखीसराय, गया जिला के स्कूलों के द्वारा आधी से कम राशि खर्च की गई है;4.यदि उपर्युक्त खण्डों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं, तो राशि खर्च नहीं करने वाले दोषी पदाधिकारी पर सरकार कौन सी कार्रवाई करने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों ?