क्या मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि-1. क्या यह बात सही है कि “सामान्य मामलों में एक समान न्याय” के विरुद्ध अपर समाहर्ता (राजस्व) सीतामढ़ी द्वारा पुनरीक्षण वाद संख्या- 40/2025-26 एवं 246/2025-26 में जल्दबाजी से सुनवाई कर आदेश पारित किया गया है जबकि उपरोक्त भूमि संबंधी मामला मिसलेनियस केस न०- 2/25 ADJ-lll सीतामढ़ी के न्यायालय में लंबित है एवं इसकी जानकारी भी अपर समाहर्ता (राजस्व) सीतामढ़ी को दी गई थी;2. क्या यह बात सही है कि दाखिल ख़ारिज अधिनियम 2011 सेक्शन 6(12) में स्पष्ट प्रावधान है कि सम्बंधित भूमि का मामला व्यवहार न्यायालय में विचाराधीन है तो दाखिल ख़ारिज वाद पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता ;3. यदि उपर्युक्त खंडों के उतर स्वीकारात्मक हैं तो क्या सरकार इस प्रकार के दाखिल ख़ारिज को रद्द करते हुए दोषी के विरुद्ध कार्रवाई करने का विचार रखती है, हाँ तो कब तक, नहीं तो क्यों ?