क्या मंत्री पर्यटन विभाग यह बतलाने के कृपा करेंगे कि-क्या यह बात सही है कि सहरसा में मत्स्यगंधा, उग्रतारा स्थान, संत लक्ष्मीनाथ गोसाई कुटी बनगांव, सूर्य मंदिर कन्दाहा, संत कारू खिरहर मंदिर, मटेश्वर मंदिर, बानेश्वर मंदिर देवना, नाकुचेश्वर मंदिर, चंडी स्थान विराटपुर आदि मधेपुरा में -सिंघेश्वर मंदिर, नयानगर मंदिर आदि एवं सुपौल में – तिलेश्वर मंदिर सुखपुर, संत लक्ष्मीनाथ गोसाई कुटी परसरमा, विष्णु मंदिर गणपतगंज, भीम शंकर महादेव मंदिर धरहरा गणपतगंज, दुर्गा मंदिर परसरमा, कोशी ब्रिज, आदि पर्यटन स्थल है जिसे बौद्ध सर्किट के तर्ज पर कोसी सर्किट का निर्माण करवाकर उक्त क्षेत्र में पर्यटन का विकाश किया जा सकता है यदि हाँ तो सरकार कोसी क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कब तक कोसी सर्किट का निर्माण करवाकर स्थानीय पर्यटन को विकसित करने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों?