क्या मंत्री ,खान एवं भूतत्व विभाग यह बतलाने का कृपा करेंगे कि :- (1) क्या यह बात सही है कि सोन नदी से भारी मात्रा में बालू निकाले जाने से सोन नदी के तटीय क्षेत्र के दर्जनों गांव में जलस्तर नीचे जाने से पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया है ; (2) क्या यह बात सही है कि खान एवं भूतत्व नियमावली के तहत जिला मिनरल फंड के तहत आम नागरिकों के लोक कल्याणकारी कार्य करने का प्रावधान है; (3)यदि उपर्युक्त खण्डों के उत्तर स्वीकारात्मक है ,तो क्या सरकार कलेर प्रखंड के सोहसा, कामता ,सहाय बीघा, लक्ष्मणपुर बाथे, अरवल प्रखंड के सुमेरा, मखदूमाबाद, अमरा, पिपरा-बंगला, कागजी मोहल्ला एवं शाही मुहल्ला, दूना छपरा, प्रसादी इंग्लिश समेत दर्जनों गांव में पेयजल उपलब्द्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला मिनरल फंड के तहत चापाकल लगाने पर विचार रखती है; नहीं तो क्यों ?