क्या मंत्री, श्रम संसाधन विभाग यह बतलाने की कृपा करेंगे कि—क्या यह बात सही है कि बिहार सरकार द्वारा 21 सितंबर 2024 को प्रकाशित गजट में प्रति हजार बीड़ी निर्माण पर ₹397 मजदूरी तय है, लेकिन जमुई जिले में बीड़ी कंपनियां मात्र ₹100 - ₹115 और नालंदा के बिहारशरीफ में केवल ₹200 ही मजदूरी दे रही हैं;क्या यह बात सही है कि जमुई जिले में बीड़ी मजदूरों के उपचार हेतु झाझा नगर स्थित अस्पताल अत्यंत जर्जर है एवं प्रायः बंद रहता है, जबकि बिहारशरीफ के बीड़ी मजदूरों के अस्पताल में कोरोनाकाल से इंडोर सुविधा बंद है;क्या यह बात सही है कि बीड़ी मजदूरों का परिचय पत्र 2010 से बंद होने से वे कल्याणकारी लाभों से वंचित हैं;यदि उपर्युक्त खण्डों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं, तो क्या सरकार जमुई और बिहारशरीफ के बीडी मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी, इलाज की बेहतर व्यवस्था और पहचानपत्र देने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों?