क्या मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-1. क्या यह बात सही है कि सुपौल जिला के छातापुर अंचल अंतर्गत केवाला दस्तावेज सं०-3909, 1950 ई० द्वारा भूटाय महतो वगैर के नाम से है, जिसका दाखिल खारिज केस नं०-05/1967/68/जमाबंदी सं०-278, मौजा-मटिहानी, थाना नं०-86 है एवं खाता सं०-62, खेसरा सं०-296, 287, 285 है, जिसका मालगुजारी रसीद वर्ष-2022-2023 तक जमा है;2. क्या यह बात सही है कि उक्त जमीन को गोपाल सिंह वगैरह ने तत्कालीन अंचलाधिकारी एवं कर्मचारियों से मिलीभगत कर दाखिल-खारिज करा लिया है; जिसका केवाला संख्या-3918/1968 एवं 3913/1968 है; जो फर्जी है एवं उक्त मौजा एवं अचंल का नही हैं;3. क्या यह बात सही है कि उक्त संबंध में आवेदक श्री गोविन्द मेहता द्वारा दिनांक-15.0़6.2024 को जिला पदाधिकारी, सुपौल एवं दिनांक-16..07.2024 को ऑनलाइन विभागीय मंत्री को आवेदन भी दिया गया है, जिस पर अभीतक कोई कार्रवाई नहीं की गई है;4. यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं, तो सरकार उक्त मामले की जाँच कर दोषी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का विचार रखती है, हाँ, तो कबतक, नहीं, तो क्यों ?