क्या मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-1. क्या यह बात सही है कि पूर्णियाँ जिला अन्तर्गत प्रखंड बैसा के मौजा-चन्देल अन्तर्गत खाता नं०-66, खेसरा नं०-443 वर्ष 1952 के सर्वे में गलती से बिहार सरकार गैर मजरूआ में दर्ज हो गया था, जो रैयत को केवाला से प्राप्त थान तथा एस०ओ० पूर्णियां ने वर्ष 1959 में पुन: सुधार करते हुऐखाता नं0-66, खेसरा-443 को अपने औडर सीट में रैयतो को लौटा दिया, एवं रैयत उक्त खाता एवं खेसरा के जमीन का रसीद भी काटते आ रहे है,2. क्या यह बात सही है कि अंचल अधिकारी, बैसा द्वारा उक्त भूमि का एल० पी०सी० (लैंड पोजीशन सर्टिफिकेट) दिनांक-31.01.2025 को निर्गत किया गया है, जिसपर पंचायत सरकार भवन का निर्माण किया जा रहा है,3. यदि उपर्युक्त खंडो के उत्तर स्वीकारात्मक है, तो सरकार रैयतो के निजी भूमि पर पंचायत भवन का निर्माण कार्य रोकने का विचार रखती है, नही तो क्यों?