हिन्दी दैनिक समाचार पत्र में दिनांक- 25.09.2024 को प्रकाशित “बिहार के 33 शहरों के किनारे गंगा का पानी नहाने लायक भी नहीं” शीर्षक को ध्यान में रखते हुए क्या मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिर्वतन विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे किः-1. क्या यह बात सही है कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा गंगा किनारे के 33 स्थलों के गंगा के पानी की शुद्धता की जॉच में पाया गया कि इसका पानी ना तो पीने और ना ही नहाने लायक है;2. क्या यह बात सही है कि राज्य के छोटे-बड़े शहरों के नाला एवं कल- कारखाने का खतरनाक रसायन युक्त पानी गंगा में गिराने से आमजनों के साथ-साथ जलीय जीवों के लिये भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा है;3. क्या यह बात सही है कि पिछले सात वर्षों में गंगा नदी में प्रदूषण स्तर की लगातार बढ़ोतरी हो रही है;4. यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं, तो सरकार गंगा का पानी प्रदूषण मुक्त कराने हेतु कौन-सा कदम उठाने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों ?