क्या मंत्री,शिक्षा विभाग यह बतलाने की कृपा करेंगे कि-क्या यह बात सही है कि तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के कर्मचारी के द्वारा विगत दो वर्षों से फर्जी अंक पत्र और एडमिट कार्ड बेचने का मामला प्रकाश में आया है परंतु अभी तक उस पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा रोक नहीं लगायी गयी है, यदि हां तो सरकार कब तक तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में फर्जी अंकपत्र और एडमिट कार्ड बेचनेवाले रैकेट की उच्चस्तरीय जांच कराकर कार्रवाई करने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों ?