क्या मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि1. क्या यह बात सही है कि बक्सर जिला के जीविका के हरियाली CLF के तहत अटांव पंचायत के बीस से अधिक SHG से सामुदायिक समन्वयक व अन्य अधिकारीयों द्वारा कोरोना के दौरान 25 लाख रुपये की अवैध निकासी कर गबन कर लिया गया है जिससे गरीब जीविका दीदियों के दो दर्जन SHG का कर्ज NPA हो गए है;2. क्या यह बात भी सही है कि उक्त गबन को प्रखण्ड परियोजना प्रबंधक डुमराँव एवं जिला परियोजना प्रबंधक बक्सर द्वारा अनियमितता की गई है;3. यदि उपर्युक्त खण्डों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं तो क्या सरकार जाँच करा कर उक्त अधिकारीयों पर कार्रवाई करते हुए गरीब जीविका दीदियों का पैसा वापस करने तथा NPA का कर्ज माफ़ करने का विचार रखती है, हाँ तो कब तक, नहीं तो क्यों ?