क्या मंत्री, सहकारिता विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-1. क्या यह बात सही है कि नालंदा जिलान्तर्गत स्थित पैक्सों द्वारा दो माह पूर्व ही धान अधिप्राप्ति के उपरांत चावल का 580 (पॉच सौ अस्सी) लॉट एस.एफ.सी. को दे चुके हैं, जिसकी कीमत लगभग 58 (अन्ठावन) करोड़ रूपये है;2. क्या यह बात सही है कि दो माह बीत जाने के उपरांत भी अभी तक एस.एफ.सी. द्वारा पैक्सों के कोई भुगतान नहीं किया गया है, जिससे पैक्सों को काफी कठिनाइयों के साथ-साथ अतिरिक्त सूद का बोझ भी उठाना पर रहा है;3. यदि उपर्युक्त खण्डों के उत्तर स्वीकारात्मक है, तो क्या सरकार एस.एफ.सी. द्वारा पैक्सों द्वारा पैक्सों को यथाशीघ्र भुगतान कराते हुए अतिरिक्त सूद माफ करने का विचार रखती है, हॉ तो कबतक, नहीं, तो क्यों ?