क्या मंत्री, सहकारिता विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि :-(1) क्या यह बात सही है कि राज्य निर्वाचन प्राधिकार के द्वारा नालंदा जिला के मात्र 7 पैक्सों के मतदाता सूची के प्रकाशन पररोक लगायी गयी थी परन्तु जिला सहकारिता पदाधिकारी, नालंदा की गलत अनुशंसा के कारण जिला के 22 पैक्सों के निर्वाचनपर रोक लगा दिया गया जबकि चुनाव की आधी प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी;(2) क्या यह बात सही है कि जिला के कुल 29 पैक्सों के चुनाव पर रोक लगाने से लगभग 200 गांवों के किसान सरकार केयोजनाओं का लाभ उठाने से वंचित हो रहे हैं तथा धान की सरकारी खरीद बाधित हो रही है जिससे उनमें काफी असंतोषएवं आक्रोश है;(3) यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक है, तो क्या सरकार किसानों के हित में सभी पैक्सों के चुनाव कराने की अनुशंसाराज्य निर्वाचन प्राधिकार को भेजने का विचार रखती है, हाँ तो, कबतक, नहीं तो क्यों ?