क्या मंत्री, गृह विभाग, यह बताने की कृपा करेंगे कि—क्या यह बात सही है कि दिनांक 6 जनवरी को पटना स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही NEET की तैयारी कर रही छात्रा संदिग्ध अवस्था में बेहोश पाई गई, जिसे बिना पुलिस सूचना के अस्पताल ले जाया गया तथा बाद में उसकी मृत्यु हो गई;क्या यह बात सही है कि घटना के बाद तीन दिनों तक न तो हॉस्टल, न कमरा, न बिस्तर और न ही कपड़े सील किए गए, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट हुए साथ ही थाना प्रभारी द्वारा मामले को आत्महत्या बताकर गलत रिपोर्ट दी गई, जिसे बिना समुचित जांच के ASP, SP एवं SSP स्तर तक आगे बढ़ाया गया;यदि उपर्युक्त खण्डों का उत्तर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई और संलिप्त सभी दोषीयों को सजा दिलाने का विचार करती हैं, हाँ तो कबतक, नहीं तो क्यों ?