क्या मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि-1.क्या यह बात सही है कि वर्ष 1891 में स्थापित श्री गोशाला, भागलपुर की विभिन्न परिसंपत्तियों एवं भूमि,जिनमें एम पी द्विवेदी रोड स्थित मुख्य द्वार, पश्चिमी प्रवेश द्वार, टिकोरी(राजस्वग्राम) स्थित श्रीकृष्ण गोशाला तथा मौजा-सतघरा एवं मौजा-ईमामपुर, अंचल-जगदीशपुर की भूमि शामिल है,पर विभिन्न व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण करने से गोशाला के संचालन,आवागमन एवं गोवंश संरक्षण कार्य प्रभावित हो रहे हैं;2.क्या यह सही है कि वर्ष 1995 में लैंड सीलिंग में गोशाला की लगभग 746 एकड़ दान प्राप्त भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया तथा गोशाला के उपयोग हेतु उपलब्ध लगभग 16 एकड़ भूमि पर भी अतिक्रमण होने के कारण पशुपालन विभाग से प्राप्त अनुदान के बावजूद बाउंड्रीवॉल का निर्माण नहीं हो पा रहा है;यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं,तो,सरकार श्री गोशाला,भागलपुर की अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराते हुये,अवरुद्ध मार्गों को पुनः चालू कराने,तथा बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराने का विचार रखती है,नहीं,तो क्यों?यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं,तो,सरकार श्री गोशाला,भागलपुर की अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराते हुये,अवरुद्ध मार्गों को पुनः चालू कराने,तथा बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराने का विचार रखती है,नहीं,तो क्यों?