क्या मंत्री, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे किः-1. क्या यह बात सही है कि वर्ष 1996 में विभाग द्वारा नियमावली बनाया गया जिसमें योग्य दस्तावेज लेखकों द्वारा दस्तावेज लेखन का प्रावधान किया गया2. क्या यह बात सही है कि पुनः सरकार ने वर्ष 2010 में जनहित में मार्डल कोड लागू कर हस्तलेखन को बंद कर टंकित दस्तावेजों का निबंधन करने का निर्णय लिया जिसके चलते साइवर कैफे वाले गलत तरीके से दस्तावेज बना रहे हैं एवं कुछ बिचौलियों द्वारा वसूली की जा रही है ;3. क्या यह बात सही है कि सरकार द्वारा वर्ष 2012 में निबंधन सॉफ्टवेयर प्रक्रिया से दस्तावेज का निबंधन प्रारंभ किया गया है जिसका दुरुपयोग साइबर कैफे संचालक गलत तरीके से कर रहे है;4. यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक है ,तो सरकार कब तक सीटीजन लौगिन की व्यवस्था कर साइवर कैफे से बनाये दस्तावेजों पर अंकुश लगाने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों?