क्या मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे की: –1. क्या यह बात सही है कि सरकार के निर्णय के अनुसार खतियान में जो भूमि वकास्त है उस जमीन को सरकार की जमीन मानी जाती है परन्तु वही जमीन खेवट दस्तावेज में यदि रैयत घोषित हो तो; वह भूमि खेवट के अनुसार रैयत की होती है;2. क्या यह बात सही है कि सरकार के कार्यालयों यथा जिला एवं अंचल स्तर पर नियम की पूर्ण स्पष्टता नहीं होने के कारण एक ही तरह के मामले में अलग-अलग निर्णय हो रहे हैं;3. यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं तो सरकार खंड-1 में वर्णित नियमों को स्पष्ट करते हुए खेवट दस्तावेज में घोषित भूमि के अनुसार रैयतों को दखल कब्जा दिलाने का विचार रखती है; नहीं तो क्यों ?