क्या मंत्री, शिक्षा विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे किः- 1.क्या यह बात सही है कि वर्ष 2023 में ही दो सहायक प्राध्यापक डाॅ० कुमार वरूण एवं डाॅ० रूचि त्रिपाठी को दिये गये वेतन संरक्षण लाभ के सत्यापन हेतु प्रस्ताव शिक्षा विभाग के वेतन सत्यापन कोषांग में एकसाथ भेजी गयी थी परंतु समरूप मामले में कोषांग द्वारा डाॅ०रूचि त्रिपाठी केे वेतन संरक्षण लाभ को सत्यापित कर दिया गया और डाॅ०कुमार वरूण के मामले को उच्च शिक्षा निदेशालय में परामर्श हेतु भेजा गया; 2.क्या यह बात सही है कि डाॅ० कुमार के मामले पर शिक्षा विभाग द्वारा वित्त विभाग से परामर्श प्राप्त करने के बाद भी अबतक उनके वेतन संरक्षण लाभ का सत्यापन नहीं किया गया है,जबकि दो समरूप मामले में एक को निष्पादित किया जाना और दूसरे को लंबित रखा जाना विभाग में व्याप्त अनियमितता को दर्शाता है; 3.यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं तो सरकार उक्त मामले के सत्यापन में विलंब के लिए दोषी पदाधिकारी पर कार्रवाई के साथ वेतन संरक्षण लाभ का सत्यापन करना चाहती नही तो क्यो?