दिनांक 13.12.2024 को समाचार पत्र में छपी खबर “बिहार के एक लाख मेें सिर्फ 9899 लोगों को ही मिला कर्ज” शिर्षक को ध्यान में रखते हुए क्या मंत्री, वित्त विभाग बतलाने की कृपा करेगें किः-1. क्या यह बात सही है, कि बिहार राज्य के लोगों को अन्य राज्यो की तुलना में बैंक द्वारा कम कर्ज दिया जा रहा है, जबकि बिहार में जमा /कर्जा अनुपात 59 प्रतिशत है , बिहार के एकलाख लोगों में 9899 लोगों को ही कर्ज मिला है,अन्य राज्यों की तुलना में बिहार 23वें स्थान पर है, जबकि जनसंख्या में दूसरा राष्ट्रीय औसत पर अन्य राज्यों की अपेक्षा बिहार के लोगों को 46 प्रतिशत कम कर्ज मिला है यदि हाँ तो सरकार बिहार के लोगों को अन्य राज्यों की तर्ज पर कर्ज दिलाने हेतु कौन सी कार्रवाई कराने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों?