क्या मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-1. क्या यह बात सही है कि राज्य में कचरा से बिजली बनाये जाने का काम प्रगति पर है ;2. क्या यह बात सही है कि दिल्ली में कचरा से बिजली बनाये जाने के मामले का अध्ययन के बाद यह निष्कर्ष सामने आया है कि कचरा से बिजली बनाने के क्रम में हवा में मानक स्तर से कैडमियम 19 गुना ज्यादा, मैंगनीज 11 गुना ज्यादा, आर्सेनिक 10 गुना ज्यादा, लेड 4 गुना ज्यादा, कोबाल्ट 3 गुना ज्यादा, हो जाता है, जिसके कारण सांस की तकलीफ, अस्थमा, कैंसर और त्वचा संबंधी बीमारियां होती हैं;3. यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं, तो क्या सरकार राज्य में कचरा से बिजली बनाये जाने की परियोजना पर पुनर्विचार करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करने का विचार रखती है, हां तो कब तक, नहीं तो क्यों ?