क्या मंत्री, राजस्व एवं भुमि सुधार विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे किः-क्या यह बात सही है कि राज्य में हाट-बजार, सैरातों से प्राप्त आय का 25 प्रतिशत संबंधित हाट-बजार, सैरात के विकास एवं जनोपयोगी कार्याें पर खर्च करने का प्रावधान है, यदि हाँ तो क्या सरकार गोपालगंज जिला के बरौली एवं मांझा प्रखंडाधीन हाट-बजार एवं सैरातों में स्वच्छ पेयजल, सड़क, बिजल, साफ-सफाई आदि जनोपयोगी कार्यों में प्राप्त राजस्व का 25 प्रतिशत खर्च कर उसे विकसित करने का विचार रखती है, हाँ, तो कब तक नहीं तो क्यों ?