क्या मंत्री,उद्योग विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-क्या यह बात सही है कि राज्य में ब्यूटी पार्लर एवं बाजारों में कुल मिलाकर 50 हजार से अधिक मेंहदी कलाकार हैं परंतु मेंहदी कला को उद्योग का दर्जा नहीं मिल पाने के कारण इन कलाकारों को बैंकों से ऋण लेने पर उसमें सरकार द्वारा कोई सब्सिडी नहीं दी जाती है, जिससे ये कलाकार हतोत्साहित होकर अपना काम छोड़ रहे हैं, यदि हां, तो सरकार मेंहदी लगाने की कला को कबतक उद्योग का दर्जा देकर उद्योगों के लिये निर्धारित देय सुविधाएं देने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों ?