क्या मंत्री, गृह विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे किः-क्या यह बात सही है कि औरंगाबाद जिला अन्तर्गत गोह प्रखण्ड के उपहारा थाना में काण्ड संख्या 54/2009 में प्राथमिकि दर्ज किया गया था जिसमें ग्राम तेयाप के दलित छात्रावास एवं मिडिल स्कुल निर्माण में प्रधानाध्यापक, कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंता पर भर्ष्टाचार के आरोप लगाया था, परन्तु 16 वर्षो बाद भी अभी तक दोषियों पर कोई कार्यवाई नही हुई है, यदि हाँ तो सरकार कब तक दोषियों पर नियमानुसार कार्यवाई करने का विचार रखती है,नहीं तो क्यों?