क्या मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि-क्या यह बात सही है कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान फेज 2 अंतर्गत ठोस, तरल एवं अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य में पंचायत में कार्यरत स्वच्छता पर्यवेक्षक एवं स्वच्छता कर्मी घर-घर से कचरा उठाने का कार्य कर रहे हैं;क्या यह बात सही है कि स्वच्छता पर्यवेक्षक को प्रतिमाह 7500 रुपया मानदेय का भुगतान किया जाता है, जो दैनिक 250 रुपया होता है । जबकि स्वच्छता कर्मी को कुल 3000 रुपया प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है जो प्रतिदिन 100 रुपया होता है, उसमे भी कभी-कभी साल डेढ़ साल तक मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है, जिससे इन्हें अपने परिवार के भरण पोषण में कठिनाई का सामना करना पड़ता है;यदि उपर्युक्त खंडो के उत्तर स्वीकारात्मक है तो सरकार स्वच्छता पर्यवेक्षक और स्वच्छता कर्मियों के मानदेय में कबतक वृद्धि करते हुए इनको ससमय मानदेय का भुगतान कराने का विचार रखती है; नहीं, तो क्यों ?