क्या मंत्री, कृषि विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-1. क्या यह बात सही है कि राज्य में अभी लगभग 31 लाख केसीसी धारक किसान हैं;2. क्या यह बात सही है कि राज्य के गरीब और कमजोर किसानों द्वारा कृषि कार्य के लिए केसीसी ऋण लिया गया था, जिसे सूद सहित अभी तक लौटाने में असमर्थ होने से औरंगाबाद, सारण, नालंदा, शेखपुरा सहित पूरे राज्य के केसीसी धारक किसानों पर बैकों द्वारा सर्टिफिकेट केस कर दिया गया है, जबकि ये किसान कर्ज लौटाने में असमर्थ हैं,3. यदि उपर्युक्त खण्डों के उत्तर स्वीकारात्मक है, तो क्या सरकार राज्य के किसानों के केसीसी ऋण माफी कराने का विचार रखती है, हाँ, तो कबतक, नहीं तो क्यों ?