क्या मंत्री, पर्यटन विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे किः-1. क्या यह बात सही है कि औरंगाबाद जिला अंतर्गत देव सूर्य मंदिर 9 वीं से 14 वीं शताब्दी के मध्य नागर शैली से निर्मित है, जो वर्तमान में समुचित रखरखाव के अभाव में अपने अस्तित्व के गंभीर संकट से जूझ रहा है;2. क्या यह बात सही है कि उक्त महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण हेतु विशेषज्ञ संस्थाओं से सहयोग लेते हुये दीर्घकालीन वैज्ञानिक तरीके से मंदिर संरक्षण योजना तैयार कर मंदिर प्रबंधन को मार्गदर्शन देने की अति आवश्यकता है;3. यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार देव सूर्य मंदिर के संरक्षण हेतु विशेषज्ञ संस्थानसे परामर्श लेते हुये दीर्धकालीन संरक्षण योजना बनाकर मंदिर के पौराणिक आस्तित्व को बचाने का विचार रखती है, हाँ तो कब तक नहीं तो क्यों ?