क्या मंत्री, ऊर्जा विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि क्या यह बात सही है कि राज्य में 'मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना' के तहत 1अगस्त, 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 125 यूनिट बिजली निःशुल्क दी जा रही है, किन्तु इस तिथि के पूर्व के बकायेदार उपभोक्ताओं पर आज भी ब्याज (Surcharge) लगाया जा रहा है तथा बकाया राशि के कारण उन्हें इस योजना के लाभ से वंचित रखा जा रहा है, यदि हाँ, तो क्या सरकार वैसे उपभोक्ताओं के पुराने बकाये एवं ब्याज को माफ कर उन्हें उक्त योजना का लाभ देने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों?