स्थानीय उर्दू दैनिक समाचार पत्र में दिनांक 12.09.2024 को छपी शीर्षक ‘‘सूफी महोत्सव के आयोजन से सूफी शिक्षा प्रचार-प्रसार का प्रयास विफल’’ महोत्सव सिर्फ गीत संगीत तक सीमित’’ नवनिर्मित भवन व बंद दुकानों से वक्फ बोर्ड और दरगाह कमिटी को लाखों का नुकसान को ध्यान में रखते हुए क्या मंत्री, पर्यटन विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे किः- 1. क्या यह बात सही है कि जहानाबाद जिला के काको में अवस्थित सूफी संत विवि कमाल के मजार पर पर्यटन विभाग द्वारा प्रति वर्ष सूफी महोत्सव का आयोजन किया जाता है; 2. क्या यह बात सही है कि सूफी संत विवि कमाल का दरगाह के विकास हेतु करोड़ों रूपये की लागत से पूर्व से अतिथिशाला एवं दुकानें बनकर तैयार है, लेकिन उसमें अभी तक ताला लगा हुआ है, साथ ही अभी तक दरगाह कमिटी को हस्तगत नहीं किया गया है, जिससे वक्फ बोर्ड एवं दरगाह कमिटी को राजस्व का लाखों का नुकसान हो रहा है; 3. यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक है, तो क्या सरकार दरगाह के विकास हेतु इसे दरगाह कमिटी को सौंपने का विचार रखती है, हाॅ तो कबतक, नहीं तो क्यों ?