क्या मंत्री, शिक्षा विभाग यह बतलाने की कृपा करेंगे किः- क्या यह बात सही है कि किशनगंज जिला एक मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है. किन्तु यहाँ पर CBSE, बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त बहुत सारे निजी स्कुलों में ऐच्छिक विषय के तौर पर उर्दू की पढाई नहीं होती है, जिससे यहाँ के बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ाई करने से वंचित रह जाते हैं, यदि हाँ तो सरकार कब तक उन स्कूलों में ऐच्छिक विषय के तौर पर उर्दू पढ़ाने का आदेश प्रदान करने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों ?