स्थानीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र में दिनांक-20.12.2024 को प्रकाशित ‘‘ पोर्टल पर 87 प्रतिशत प्रसूताओं के नाम नहीं, प्रोत्साहन राशि से होगी वंचित’’ शीर्षक के आलोक में क्या मंत्री, स्वास्थ्य विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि-क्या यह बात सही है कि स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक सूबे के 87 प्रतिशत प्रसूताओं का नाम ई जननी पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जाने के कारण लाभुक प्रसूताओं को प्रोत्साहन राशि से वंचित होना पड़ेगा, यदि हॉं, तो इसका क्या औचित्य है?