क्या मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-1. क्या यह बात सही है कि राज्य में नगर निगम, नगर परिषद् एवं नगर पंचायत में सफाई कर्मी के रूप में बाल्मिकी, मेहतर, भंगी सहित अन्य समुदाय वर्ग के लोग कार्यरत है जिन्हें 7 से 8 हजार मात्र मासिक मानदेय पर ठेकेदारों के अधीन कार्य करना पड़ता है तथा उन्हें ठेकेदारों के दमन एवं शोषण का शिकार होना पड़ता है,यदि हाँ ,तो सरकार कबतक उक्त सफाई कर्मियों को ठेकादारी प्रथा के स्थान पर सरकारी कर्मी का दर्जा देने का विचार रखती है ,नहीं, तो क्यों ?