क्या मंत्री, वन,पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-1.क्या यह बात सही है कि राज्यान्तर्गत विभिन्न योजनाओं में वन विभाग की जमीन पड़ने की स्थिति में फ़ॉरेस्ट क्लियरेंस लेना आवश्यक है;2. क्या यह बात सही है कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा फ़ॉरेस्ट क्लियरेंस के अभाव में राज्यान्तर्गत 200 के करीब योजनाएं लंबित है जिसमे वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे, छपरा-माँझी-गुठनी पथ, गोपालगंज जिलान्तर्गत हरखुआ-खवाजेपुर पथ तथा भोजपुरवा-चौराव बाईपास भी शामिल है;3. यदि उपर्युक्त खंडो के उत्तर स्वीकारात्मक है, तो सरकार कबतक इन योजनाओं को समयावधि में पूर्ण करने हेतु फ़ॉरेस्ट क्लियरेंस देना चाहती है, नहीं तो क्यों?