क्या मंत्री, वित्त विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे किः-1. क्या यह बात सही है कि राज्य में किसान क्रेडिट कार्ड (के0सी0सी0) ससमय नही मिलने के कारण किसान साहुकारों एवं निजी एजेन्सियों से कर्ज लेकर ज्यादा ब्याज के बोझ तले दबते चले जा रहे हैं;2. क्या यह बात सही है कि बैंकों के जरिए 3% के0सी0सी0 के तहत किसानों को लोन दिया जाता है, जबकि नाबार्ड से 1% अतिरिक्त ब्याज अनुदान का समझौता वर्ष 1998-1999 में हुआ है ;3. क्या यह बात सही है कि उक्त किसानों को के0सी0सी0 लोन मुहैया कराने में बैंको द्वारा LPC जिसके नाम पर जमीन है तथा अन्य कागजातों का कारण बताकर किसानों को लोन नहीं दिया जाता है,4. यदि उपर्युक्त खंडो के उत्तर स्वीकारात्मक है, तो क्या सरकार किसानों को सुलभ तरीके से के0सी0सी0 लोन मुहैया कराने का विचार रखती है, हाँ तो कब तक, नही तो क्यों ?