क्या मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग यह बतलाने की कृपा करेंगे कि क्या यह बात सही है कि राज्य में महाविद्यालयों में वित्त रहित महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को अनुदान देने के बदले वेतनमान/मानदेय नहीं दिए जाने के कारण शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के आजीविका प्रभावित है तथा वर्तमान में स्नातक शिक्षा भी प्रभावित है, यदि हाँ तो सरकार वित्त रहित महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को वेतनमान/मानदेय देने के सबंध में कौन सी कार्रवाई कबतक करना चाहती है, नहीं, तो क्यों?