क्या मंत्री, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे किः-1. क्या यह बात सही है कि मधुबनी जिलान्तर्गत लदनियाँ प्रखण्ड के पंचायत कुमरखत पूर्वी के महुलीया गाँव में लगभग 600 अनुसूचित जाति/महादलित परिवारों की बस्ती निवास करती है ;2. क्या यह बात सही है कि उक्त बस्ती में कोई स्थायी सामुदायिक भवन/केंद्र नहीं होने से सामाजिक, शैक्षणिक एवं विकासात्मक गतिविधियों में गंभीर बाधा उत्पन्न होती है;3. यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार उक्त वर्णित बस्ती के समीप झोखराही में खाली पड़ी लगभग 3 एकड़ भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण कराने का विचार रखती है, नहीं, तो क्यों ?