क्या मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-1.क्या यह बात सही है कि बिहार में अनेक 'गैर-मजरूआ मालिक' एवं बकाश्त भूमि का अब तक सुयोग्य रैयतों के नाम पर राजस्व प्रशासन द्वारा लगान निर्धारण नहीं किया जा सका है, जिससे प्रदेश के किसान एवं भूधारी अत्यधिक परेशान हैं तथा उनमें असंतोष का भाव है,2.क्या यह बात सही है कि जमींदारी उन्मूलन के पश्चात बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950 (BLR Act, 1950) में निहित प्रावधानों के आलोक में, सुयोग्य श्रेणी के रैयतों के पक्ष में ऐसी गैर-मजरूआ मालिक एवं बकाश्त भूमि का विधिवत लगान निर्धारण / रैयतीकरण किया जाना था;3.यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक हैं, तो सरकार कब तक गैर-मजरूआ मालिक एवं बकाश्त भूमि का नियमतः रैयतों के नाम से लगान निर्धारण का कार्य पूर्ण करने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों ?