क्या मंत्री, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि-1 क्या यह बात सही है कि भागलपुर जिला के पीरपैंती और कहलगाँव प्रखंड में बहुत बड़े पैमाने पर पशुपालन का कार्य होता हैं, परन्तु पशुपालाकों द्वारा उत्पादित दूध के लिए केवल एक ही विक्रमशीला दुग्ध उत्पादक केन्द्र है स्थापित है जहाँ पशुपालको द्वारा दुग्ध दिये जाने के उपरान्त 90 दिनों के बाद उनका भुगतान मनमाने तरीके से बाजार से कम मूल्य में किया जाता है जिसस पशुपालाकों को काफी नुकसान होता है, यदि हाँ तो सरकार उक्त प्रखण्डों के पशुपालकों के हित में सरकारी मूल्य पर भुगतान कराने का विचार रखती है, नही, तो क्यों?