क्या मंत्री, निगरानी विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-1. क्या यह बात सही कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के FIR No.-54/2019 में साक्ष्य की कमी का अंतिम प्रतिवेदन सं०- 50/2020 दाखिल की गई जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया;2. क्या यह बात सही है कि न्यायालय में दाखिल अतिम प्रतिवेदन से सपष्ट है कि सत्यापनकर्ता द्वारा स्वयं रुपया रखकर आरोपी को गिरफ्तार कराया गया;3. क्या यह बात सही है कि धाबादल एवं सत्यापनकों के अपराधिक कृत्य की जानकारी SP, Legal cell, D.I.G., IG, A.D.G. को था जिसे सरकार से छुपाया गया मसलन इस मामले में भी षड्यंत्रकारी सलिप्तता है;4.यदि उपर्युक्त खडों के उत्तर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार वर्णित कर्मियों के विरूद्ध अपराधिक एवं विभागीय कार्यवाही करना चाहती है,हाँ तो कब तक नहीं क्यों?