क्या मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, यह बताने की कृपा करेंगे कि:-क्या यह बात सही है कि राज्य के विभिन्न अंचलों में भूमि दाखिल–खारिज से संबंधित आवेदनों को अनेक मामलों में बिना किसी ठोस आधार के अथवा केवल औपचारिक सुनवाई कर, आवेदक को कथित दस्तावेज़ीय कमियों को दूर करने या पुनः दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का समुचित अवसर दिए बिना मनमाने ढंग से खारिज कर दिया जाता है, यदि हाँ, तो सरकार कब तक सुनवाई प्रक्रिया को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने हेतु रीयल-टाइम ऑडियो–विजुअल रिकॉर्डिंग अथवा डिजिटल लॉग बुक जैसी व्यवस्था जिससे यह प्रमाणित किया जा सके कि आवेदक को निर्धारित तिथि पर वास्तविक एवं न्यायसंगत सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया, लागु करने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों ?